
माँ, मुझे भी पढ़ना है।
अँधियारे और निर्धनता की खाई से बाहर आना है।
माँ, मुझे भी बस्ता दे दो, मैं स्कूल पढ़ने जाऊँगी।
पढ़-लिखकर अपने हाथों से मैं तक़दीर सजाऊँगी।
कदम-कदम पर सबके संग मैं सबसे आगे जाऊँगी।
माँ दुर्गा-सी शक्ति मिले, सरस्वती का वरदान मिले।
घर-आँगन में लक्ष्मी आएँ, सुख-समृद्धि की वर्षा हो।
गौरव, सम्मान और प्रतिष्ठा से घर का मान बढ़ाऊँगी।
भारत माँ का गौरव बनकर ज्ञान-ज्योति फैलाऊँगी

